वीरासन (Veerasana)
वीरासन को हनुमान आसन के नाम से भी जाना जाता है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले सीधी अवस्था में खड़े हो जाएं। दाएं पैर को सामने की ओर करके एकदम आगे कर लें।
इसके बाद बाएं पैर को पीछे की तरफ ले जाएं।
फिर दोनों हाथों की मुट्ठियां कसकर बंद कर लीजिए। लेकिन अंगूठे की तरफ ही होने चाहिए।
इसके बाद बाएं हाथ को सीने के पास लेकर जाएं तथा दाएं हाथ को सामने की तरफ एकदम सीधा रखें।
फिर दाएं हाथ को आराम-आराम से नीचे की ओर लाएं और दाएं पैर पर टिका दें।
इसके बाद कमर के ऊपरी भाग पर जोर लगाकर शरीर को पीछे की ओर धकेल दें।
थोड़ी देर के बाद हाथ और पैर की अवस्था को बदल दें अर्थात बायां पैर आगे की ओर तथा दायां पैर पीछे की तरफ ले जाएं। इसी तरह से बायां हाथ सामने की ओर सीधा रखें तथा दायां हाथ अपने दाएं सीने के पास लेकर जाएं। इस तरह से आप इस क्रिया को बदल-बदल कर सकते हैं।
इस आसन को 4 से 5 मिनट तक कर सकते हैं।
वीरासन को रोजाना विस्तारपूर्वक करने से सुस्ती दूर होती है। इससे कमर पतली और छाती भी चौड़ी हो जाती है।
वीरासन को करने से यौन क्षमता बढ़ती है तथा वीर्य की कमी भी दूर हो जाती है,

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