Sunday 30 November 2014

Benefits Of Aprajita (अपराजिता )
















Benefits Of Aprajita (अपराजिता )

अपराजिता बहुत सामान्य सा पौधा है इसके आकर्षक फूलों के कारण इसे लान की सजावट के तौर पर भी लगाया जाता है. इसकी लताएँ होती हैं.ये इकहरे फूलों वाली बेल भी होती है और दुहरे फूलों वाली भी.फूल भी दो तरह के होते हैं -नीले और सफ़ेद आप लोग अपने घरों में सफ़ेद फूलों वाली अपराजिता ही लगाएं क्योंकि यही सांप के ज़हर की दुश्मन है.

अगर सांप के विष का असर चमड़ी के अन्दर तक हो गया हो तो अपराजिता की जड़ का पावडर घी के साथ मिला कर खिला दीजिये.१२ ग्राम की मात्रा में.

सांप का ज़हर खून में घुस गया हो तो जड़ का पावडर दूध में मिला कर पिला दीजिये – १२ ग्राम

सांप का जहर मांस में फ़ैल गया हो तो कूठ का पावडर और अपराजिता का पावडर १२-१२ ग्राम मिला कर पिला दीजिये.

अगर इस जहर की पहुँच हड्डियों तक हो गयी हो तो हल्दी का पावडर और अपराजिता का पावडर मिलाकर दे दीजिये .दोनों एक एक तोला हों

अगर चर्बी में विष फ़ैल गया है तो अपराजिता के साथ अश्वगंधा का पावडर मिला कर दीजिये

सांप के जहर ने वीर्य तक को प्रभावित कर डाला हो तो अपराजिता की जड़ का १२ ग्राम पावडर ईसरमूल कंद के १२ ग्राम पावडर के साथ दे दीजिये.

इन सबका दो बार प्रयोग करना काफी होगा.

लेकिन सांप के विष की पहुँच कहाँ तक हो गयी है ये बात कोई बहुत जानकार व्यक्ति ही आपको बता पायेगा.

मेडिकल साइंस तो कहता है कि ज़हर की गति सांप की जाति पर निर्भर करती है लेकिन वे सांप जिन्हें जहरीला नहीं माना जाता जैसे पानी वाले सांप उनका जहर वीर्य तक पहुँचने में ५ दिन का समय ले लेता है और आने वाली संतान को प्रभावित करता है अतः सांप के ज़हर का निवारण जरूर कर लेना चाहिए.

No comments:

Post a Comment

Note: only a member of this blog may post a comment.