मोतीझरा ( टॅायफायड़ ) कभी नहीं होगा दुबारा
मुन्नका -02
बड़ी इलायची -02
छोटी पीपल -02
लौंग -04
काली मिर्च -05
काकड़ा सिंगी -03 मासा
नागरमोथा -03 मासा
खुबकला -03 मासा
सोंठ -03 मासा
तुलसी के पत्ते -05
बतासे -05
मुलहटी -03 मासा
इन सबको एक साथ कूटकर एक पाव पानी में बिना ढके उबालें , जब पानी एक चौथाई रहे जाए तो बाकि बचे पानी को छानकर पी जाए इस तरह काढ़े को तीन रात को सोने से पहले प्रयोग करें ,
बच्चोँ के लिए मात्रा को आधी या चौथाई रखें ,
तीन काढ़े पीने से मोतीझारा ठीक हो जाता है और बुखार उतर जाता है , तब कलोरोफैनिकोल सिरप 10 दिन तक 2 चम्मच रोजाना पीने से दोबारा टॅायफायड़ कभी नहीं होगा

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