Monday, 27 July 2015

HOW TO REDUCE WEIGHT NATURALLY













HOW TO REDUCE WEIGHT NATURALLY !!

Obesity can RISK your health - Reduce your Weight by Natural Way- 10 Effective Home Remedies for Losing Weight ~

1) Fruits and green vegetables are low calorie foods, so over weight persons should use these more frequently.

2) One should avoid intake of too much salt. Salt may be a factor for increasing the body weight.

3) Milk products like cheese, butter should be avoided because these are rich in fat. Meat and non-vegetarian foods should also be avoided.

4) Spices like dry ginger, cinnamon, black pepper etc. are good for loosing weight and can be used in a number of ways.

5) Vegetables like bitter gourd (Karela), and bitter variety of drumstick are useful for loosing weight.

6) Taking of honey is an excellent home remedy for obesity. It mobilizes the extra deposited fat in the body and puts it into circulation, which is utilized as energy for normal functions. One should start with small quantity of about 10 GMs. or a table spoonful to be taken with hot water. It is good to take it in early morning. A teaspoonful of fresh lemon juice may also be added.

7) Cabbage is considered to be an effective remedy for loosing weight. This vegetable inhibits the conversion of sugar and other carbohydrates into fat. Hence, it is of great value in weight reduction. It can be taken raw or cooked.

8) Exercise is an important part of weight reduction plan. It helps to use up calories stored in body as fat. In addition, it also relieves tension and tones up the muscles of the body. Walking is the best exercise to begin with and may be followed by running, swimming, rowing.

9) Lime juice is excellent for weight reduction. Juice of a lime mixed in a glass of warm water and sweetened with honey should be taken every morning on an empty stomach.

10) Measure the portions of your food every meal and make sure that the portions are small. For example one portion of rice should not be more than the quantity which can fit in your fist. Smaller meals at a regular interval of 4 to 5 hours will keep your metabolism high and prevent your body from converting the food you intake into fat. You must also include regular exercise

घने काले और लम्बे बाल
















घने काले और लम्बे बाल

1- घी खाएं और बालों के जड़ों में घी मालिश करें।

2- गेहूं के जवारे का रस पीने से भी बाल कुछ समय बाद काले हो जाते हैं।

3- तुरई या तरोई के टुकड़े कर उसे धूप मे सूखा कर कूट लें। फिर कूटे हुए मिश्रण में इतना नारियल तेल डालें कि वह डूब जाएं। इस तरह चार दिन तक उसे तेल में डूबोकर रखें फिर उबालें और छान कर बोतल भर लें। इस तेल की मालिश करें। बाल काले होंगे।

4- नींबू के रस से सिर में मालिश करने से बालों का पकना, गिरना दूर हो जाता है। नींबू के रस में पिसा हुआ सूखा आंवला मिलाकर सफेद बालों पर लेप करने से बाल काले होते हैं।

5- बर्रे(पीली) का वह छत्ता जिसकी मक्खियाँ उड़ चुकी हो 25 ग्राम, 10-15 देसी गुड़हल के पत्ते,1/2 लीटर नारियल तेल में मंद मंद आग पर उबालें सिकते-सिकते जब छत्ता काला हो जाये तो तेल को अग्नि से हटा दें. ठंडा हो जाने पर छान कर तेल को शीशी में भर लें. प्रतिदिन सिर पर इसकी हल्के हाथ से मालिश करने से बाल उग जाते हैं और गंजापन दूर होता है.

6- कुछ दिनों तक, नहाने से पहले रोजाना सिर में प्याज का पेस्ट लगाएं। बाल सफेद से काले होने लगेंगे।

7- नीबू के रस में आंवला पाउडर मिलाकर सिर पर लगाने से सफेद बाल काले हो जाते हैं।

8- तिल का तेल भी बालों को काला करने में कारगर है।

9- आधा कप दही में चुटकी भर काली मिर्च और चम्मच भर नींबू रस मिलाकर बालों में लगाए। 15 मिनट बाद बाल धो लें। बाल सफेद से काले होने लगेंगे।

10- नीम का पेस्ट सिर में कुछ देर लगाए रखें। फिर बाल धो लें। बाल झड़ना बंद हो जाएगा।

11- चाय पत्ती के उबले पानी से बाल धोएं। बाल कम गिरेंगे।

12- बेसन मिला दूध या दही के घोल से बालों को धोएं। फायदा होगा।

13- दस मिनट का कच्चे पपीता का पेस्ट सिर में लगाएं। बाल नहीं झड़ेंगे और डेंड्रफ (रूसी) भी नहीं होगी।

14- 50 ग्राम कलौंजी 1 लीटर पानी में उबाल लें। इस उबले हुए पानी से बालों को धोएं। इससे बाल 1 महीने में ही काफी लंबे हो जाते हैं।

15- नीम और बेर के पत्तो को पानी के साथ पीसकर सिर पर लगा लें और इसके 2-3 घण्टों के बाद बालों को धो डालें। इससे बालों का झड़ना कम हो जाता है और बाल लंबे भी होते हैं।

16- लहसुन का रस निकालकर सिर में लगाने से बाल उग आते हैं।

17- सीताफल के बीज और बेर के बीज के पत्ते बराबर मात्रा में लेकर पीसकर बालों की जड़ों में लगाएं। ऐसा करने से बाल लंबे हो जाते हैं।

18- 10 ग्राम आम की गिरी को आंवले के रस में पीसकर बालों में लगाना चाहिए। इससे बाल लंबे और घुंघराले हो जाते हैं।

19- शिकाकाई और सूखे आंवले को 25-25 ग्राम लेकर थोड़ा-सा कूटकर इसके टुकड़े कर लें। इन टुकड़ों को 500 ग्राम पानी में रात को डालकर भिगो दें। सुबह इस पानी को कपड़े के साथ मसलकर छान लें और इससे सिर की मालिश करें। 10-20 मिनट बाद नहा लें। इस तरह शिकाकाई और आंवलों के पानी से सिर को धोकर और बालों के
सूखने पर नारियल का तेल लगाने से बाल लंबे, मुलायम और चमकदार बन जाते हैं।

20- ककड़ी में सिलिकन और सल्फर अधिक मात्रा में होता है जो बालों को बढ़ाते हैं। ककड़ी के रस से बालों को धोने से तथा ककड़ी, गाजर और पालक सबको मिलाकर रस पीने से बाल बढ़ते हैं। यदि यह सब उपलब्ध न हो तो जो भी मिले उसका रस मिलाकर पी लें। इस प्रयोग से नाखून गिरना भी बन्द हो जाता है।

21- कपूर कचरी 100 ग्राम, नागरमोथा 100 ग्राम, कपूर तथा रीठे के फल की गिरी 40-40 ग्राम, शिकाकाई 250 ग्राम और आंवले 200 ग्राम की मात्रा में लेकर सभी का चूर्ण तैयार कर लें। इस मिश्रण के 50 ग्राम चूर्ण में पानी मिलाकर लुग्दी(लेप) बनाकर बालों में लगाना चाहिए। इसके पश्चात् बालों को गरम पानी से खूब साफ कर लें। इससे सिर के अन्दर की जूं-लींकें मर जाती हैं और बाल मुलायम हो जाते हैं।

22- गुड़हल के फूलों के रस को निकालकर सिर में डालने से बाल बढ़ते हैं।

23- गुड़हल के ताजे फूलों के रस में जैतून का तेल बराबर मिलाकर आग पर पकायें, जब जल का अंश उड़ जाये तो इसे शीशी में भरकर रख लें। रोजाना नहाने के बाद इसे बालों की जड़ों में मल-मलकर लगाना चाहिए। इससे बाल चमकीले होकर लंबे हो जाते हैं।

24- बालों को छोटा करके उस स्थान पर जहां पर बाल न हों भांगरा के पत्तों के रस से मालिश करने से कुछ ही दिनों में अच्छे काले बाल निकलते हैं जिनके बाल टूटते हैं या दो मुंहे हो जाते हैं।

25- त्रिफला के चूर्ण को भांगरा के रस में 3 उबाल देकर अच्छी तरह से सुखाकर खरल यानी पीसकर रख लें। इसे प्रतिदिन सुबह के समय लगभग 2 ग्राम तक सेवन करने से बालों का सफेद होना बन्द जाता है तथा इससे आंखों की रोशनी भी बढती है।

26- आंवलों का मोटा चूर्ण करके, चीनी के मिट्टी के प्याले में रखकर ऊपर से भांगरा का इतना डाले कि आंवले उसमें डूब जाएं। फिर इसे खरलकर सुखा लेते हैं। इसी प्रकार 7 भावनाएं (उबाल) देकर सुखा लेते हैं। प्रतिदिन 3 ग्राम की मात्रा में ताजे पानी के साथ सेवन से करने से असमय ही बालों का सफेद होना बन्द जाता
है। यह आंखों की रोशनी को बढ़ाने वाला, उम्र को बढ़ाने वाला लाभकारी योग है।

27- भांगरा, त्रिफला, अनन्तमूल और आम की गुठली का मिश्रण तथा 10 ग्राम मण्डूर कल्क व आधा किलो तेल को एक लीटर पानी के साथ पकायें। जब केवल तेल शेष बचे तो इसे छानकर रख लें। इसके प्रयोग से बालों के सभी प्रकार के रोग मिट जाते हैं।

28- 250 ग्राम अमरबेल को लगभग 3 लीटर पानी में उबालें। जब पानी आधा रह जाये तो इसे उतार लें। सुबह इससे बालों को धोयें। इससे बाल लंबे होते हैं।

29- त्रिफला के 2 से 6 ग्राम चूर्ण में लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग लौह भस्म मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से बालों का झड़ना बन्द हो जाता है।

Treat Your Black Spots Naturally













Treat Your Black Spots Naturally

Black spots on the face are very uncomfortable and annoying and often can lead to low self-confidence. Even make-up cannot help in many cases. There are a lot of factors that can cause a skin change, such as hormonal imbalances, too much exposure to the sun, vitamin deficiency and pregnancy. Fortunately, there are also many natural home treatments that can help you eliminate the ugly spots of the face.


These are the best natural home treatments:

Lemon Juice
Lemon is best known for its whitening properties due to the high Vitamin C compound.
Squeeze 1 lemon and make juice, then soak some cotton balls in it. Put this cotton balls on the black spots and leave them stay till the juice is totally absorbed. In the end, wash the face with water. Repeat this procedure every day in a row for two weeks. The result will be visible in only two weeks. If you are having sensitive skin type, dilute the juice with rosewater and honey.

Buttermilk
The lactic acid that is found in the milk is reducing the skin pigmentation without causing any blemishes.
Make a mixture of 2 teaspoons of tomato juice with 4 teaspoons buttermilk. Apply this mixture on the face and leave it for about 15 minutes, then wash the face. Repeat this 5 days in a row.

Oats
Oatmeal powder is a perfect exfoliator.
Make a mixture of 4 tablespoons lemon juice and ½ cap oats. Scrub this paste smoothly on the black spots 2 times a week.

Almonds
Make an almond milk.
Soak some almonds into water through the night. The next day, peel them and blend them with water. Add ½ teaspoon of honey and 1 teaspoon of sandalwood powder and put it on the face. Leave it for half an hour then wash your face.

Potatoes
They are very rich antioxidants.
Slice some potatoes and put them on the face. Let them to act for half an hour and wash your face. Do this 2 times a week.

खजूर ( Dates)

















खजूर-

* खजूर को शीतकालीन का फल माना गया है। इसकी तासीर ठंडी होती है इसलिए यह पित्त के अनेक रोगों में लाभदायक रहता है। शरीर के विकास के लिए यह श्रेष्ठ फल है। 

* सुखी खांसी होने पर दिन में दो बार सुबह और शाम खजूर खाने से लाभ होता है।

* खजूर का सेवन करने से पाचन-क्रिया ठीक होती है। पेट के दर्द और कब्ज़ के लिए लाभकारी है।

* दूध के साथ खजूर खाने से शारीरिक दुर्बलता दूर होती है। 
खजूर और दही खाने से पेचिश में लाभ होता है।

* गुठली निकाले हुए दो खजूरों में थोड़ा सा शुद्ध घी, दो दाने काली मिर्च मिलकर एक महीना खाएं और ऊपर दूध पिएं। इस तरह आपको अद्भुत शक्ति मिलेगी।

खुजली ( Itching) का घरेलू इलाज ( Home Remedy)












खुजली ( Itching) का घरेलू इलाज

* त्वचा पर खुजली चलने, दाद हो जाने, फोड़े-फुंसी हो जाने पर खुजा-खुजाकर हाल, बेहाल हो जाता है और लोगों के सामने शर्म भी आती है। यदि आप कोई क्रीम या दवा लगाना न चाहें या लगाने पर भी आराम न हो तो घर पर ही यह चर्म रोगनाशक तेल बनाकर लगाएँ, इससे यह व्याधियाँ दूर हो जाती हैं।

तेल बनाने की विधि :-

* नीम की छाल, चिरायता, हल्दी, लाल चन्दन, हरड़, बहेड़ा, आँवला और अड़ूसे के पत्ते, सब समान मात्रा में। तिल्ली का तेल आवश्यक मात्रा में। सब आठों द्रव्यों को 5-6 घंटे तक पानी में भिगोकर निकाल लें और पीसकर कल्क(लुगदी ) बना लें।इसके बाद (लुगदी )पीठी से चार गुनी मात्रा में आप तिल का तेल और तेल से चार गुनी मात्रा में पानी लेकर मिलाकर एक बड़े बरतन में डाल दें। इसे मंदी आंच पर इतनी देर तक उबालें कि पानी जल जाए सिर्फ तेल बचे। इस तेल को शीशी में भरकर रख लें।
उपचार स्वास्थ्य और प्रयोग -

* जहाँ भी खुजली चलती हो, दाद हो वहाँ या पूरे शरीर पर इस तेल की मलिश करें। यह तेल चमत्कारी प्रभाव करता है। लाभ होने तक यह मालिश जारी रखें, मालिश स्नान से पहले या सोते समय करें और चमत्कार देखें।

* खून की खराबी के कारण खुजली हो जाती है| यह रोग अधिक खतरनाक नहीं है| लेकिन यदि असावधानी बरती जाती है तो यह रोग जटिल बन जाता है| इसलिए रोगी को खाने-पीने के मामले में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए| जहां तक हो सके, बाजार के खुले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए| यदि रोग बड़े पैमाने पर हो तो नमक और नमकीन चीजों को खाना बंद कर दें| इसके साथ-साथ इमली, अचार, नीबू, टमाटर, तेल, लाल मिर्च, चाय आदि का सेवन त्याग देना चाहिए|

*यह एक संक्रामक रोग है| यदि घर में किसी एक व्यक्ति को खुजली हो जाती है तो यह धीरे-धीरे परिवार के सभी सदस्यों को घेर लेती है| यह गरम चीजें खाने, छूने, श्वास के साथ जीवाणु फैलने, गलत इंजेक्शन लगवाने, शराब पीने, गुटका या पान-तम्बाकू खाने आदि के कारण हो जाती है|

* त्वचा पर लाल रंग के चित्तीदार दाने निकल आते हैं| इनमें बहुत अधिक खुजली होती है| रोगी उसे खुजाते-
खुजाते दु:खी हो जाता है| खुजली में जलन होती है तथा धीरे-धीरे लाल ददोरे पड़ जाते हैं| कई बार खुजाते हुए ददोरे छिल जाते हैं और उनमें से खून निकल आता है| पक जाने पर पतला पानी-सा पीव रिसने लगता है|

* रात को तांबे के बरतन में थोड़ा-सा दही रख दें| सुबह दही का रंग कुछ नीला पड़ जाएगा| इस दही को उसी बरतन में कुछ देर तक फेंटे| फिर इस मलहम को खुजली वाले स्थान पर लगाएं|

* सुबह कुछ दिनों तक एक चम्मच नीम की पत्तियों का रस पिएं| नीम की पत्तियों को पीसकर दही में मिलाकर खुजली वाले स्थान पर प्रतिदिन लगाएं|

* 250 ग्राम तिली के तेल में 50 ग्राम दूब का रस मिलाकर कुछ देर तक आग पर पकाएं| ठंडा होने पर छानकर शीशी में भर लें| इस तेल को खुजली वाले चर्म पर लगाने से 5-6 दिनों में खुजली जाती रहती है|

* रोज सुबह सात-आठ दिनों तक चार-पांच नीम की कोंपलें चबाकर खा जाएं| ऊपर से ताजा पानी पी लें|

* दो चम्मच तुलसी के पत्तों का रस तथा दो चम्मच नीबू का रस आपस में मिला लें| फिर इसे रुई के फाहे से लगाएं|

* गरम पानी में थोड़ी-सी अजवायन चटनी की तरह पीस लें| फिर इसे खुजली पर लगाएं|

* जीरे को कपड़छन चूर्ण पानी में गाढ़ा-गाढ़ा घोलकर खुजली वाली जगह पर लगाएं|

* 250 ग्राम तिली या सरसों के तेल में चार-पांच चम्मच दूब का रस तथा 100 ग्राम पिसी हुई हल्दी मिला लें|
अब इसको लोहे को कड़ाही में पकाएं| थोड़ी देर बाद इस तेल को छानकर बोतल में भर लें| नित्य दिन में तीन
बार रुई के फाहे से इस तेल को लगाएं|

* आधे नीबू पर थोड़ी-सी पिसी हुई फिटकिरी बुरककर खुजली वाले स्थान पर अच्छी तरह लगाएं| नारियल के
एक गुने तेल में दो गुना टमाटर का रस मिलाकर लगाएं|

* 100 ग्राम तिली के तेल में 100 ग्राम बथुए का रस मिलाकर आग पर पका लें| फिर छानकर शीशी में भर लें|
इस तेल को नित्य लगाएं|

* गेहूं के आटे में तिली का तेल मिलाकर खुजली वाले स्थान पर लगाएं|

* खुजली वाले स्थान पर शहद लगाने से भी काफी लाभ होता है|

* सिरस का तेल खुजली में कम से कम दिन में चार बार लगाएं|

* यदि शरीर में सूखी खुजली हो तो नीबू के रस में केले के पत्तों की राख मिलाकर लगाएं|

* दो पके केलों को किसी बरतन में मथ लें| फिर उसमें एक नीबू का रस निचोड़कर अच्छी तरह मिला लें| इसे मलहम की तरह लगाएं|

* थोड़े-से पतले दही में मूंग की दाल (छिलकों सहित) पीस लें| फिर उसे खुजली वाले स्थान पर लगाएं|

* राई को गोमूत्र में पीस लें| फिर उसमें चिकनी मिट्टी मिलाएं| अब इसे खुजली वाले स्थान पर लेप करें|

* नीबू के रस में एक चुटकी नौसादर मिलाकर खुजली पर लगाएं|

* नारियल के तेल में नीबू का रस मिलाकर लगाने से खुजली नहीं होती|

* अरहर की दाल (कच्ची) पीसकर दही में मिला लें| फिर उसे खुजली वाले स्थान पर लगाएं|

* नीबू का रस तथा चमेली का तेल बराबर की मात्रा में मिलाकर खुजली पर लगाएं| सात-आठ दिनों में खुजली चली जाएगी|

क्या खाएं क्या नहीं:--

* खुजली हो जाने पर नमक बंद कर देना चाहिए|इसके साथ-साथ खटाई, तेल, मिर्च-मसाले, समोसे, कचौड़ी,
परांठे, अरहर की दाल, घुइयां, चावल, चाय, कॉफी, शराब, अंडा, मीट आदि त्याग देना चाहिए| इन सबकी जगह दूध, दही, घी, मक्खन, मट्ठा, हरी सब्जियां, खीरा, पपीता, अमरूद, ककड़ी, खरबूजा, तरबूज, सेब, अनार, चीकू आदि का प्रयोग करना चाहिए|

* यदि नमक खाने की इच्छा हो तो सब्जी में सेंधा नमक बहुत कम मात्रा में डालकर सेवन करें| आंवले का मुरब्बा खुजली में बहुत लाभकारी है| अत: गरमियों के दिनों में इसका भी सेवन करें|

बवासीर ( Piles ) एवं मस्से













बवासीर ( Piles ) एवं मस्से

यह शरीर में गर्मी तथा अपच्य वस्तुओं के खाने से तथा निर्बलता (कमजोरी) के कारण होता है। इनका सामान्य घरेलू उपचार उपयोगार्थ निम्नांकित है।

* तिल को पीसकर मक्खन में खाने से बवासीर मिटता है।

* सौंठादि का चूर्ण छाछ में डालकर पीने से बवासीर मस्सा मिटता है।

* धनिया और मिश्री का काढ़ा पीने से मस्सा में रुधिर बहना बंद होता है।

* मीठे नीम के पत्तों को पानी के साथ पीसकर- छानकर पीने से मस्सा-बवासीर मिटता है तथा दर्द भी कम हो जाता है।

* आम की गुठली का चूर्ण शहद के साथ लेने से बवासीर- मस्सा मिटता है।

Sunday, 26 July 2015

प्राकृतिक पेनकिलर ( Natural Painkiller)















प्राकृतिक पेनकिलरः 

अगर आप दर्द से तुरंत आराम के लिए पेनकिलर दवाओं का विकल्प खोज रहें तो अपने किचन में झांकिए, आपका किचन भी प्राकृतिक पेनकिलर के खजाने से कम नहीं है - दांतों में दर्द हो या सिर दर्द से फटा जा रहा हो, पेनकिलर दवाएं घर में ही हो, ऐसा जरूरी नहीं। ऐसे में दर्द से तुरंत आराम के लिए आपका किचन भी प्राकृतिक पेनकिलर के खजाने से कम नहीं है। अगर आप भी किसी दर्द से परेशान हैं तो अपने किचन में मौजूद इन सात पेनकिलर को ट्राइ करें, जिनसे दर्द से राहत तो मिलेगी ही साथ ही कोई साइडएफेक्ट भी नहीं होगा। स्वदेशी पत्रिका पेज को Like करे

1. लौंग
दांतों का दर्द हो या मसूड़े में सूजन, लौंग के सेवन से दर्द से तुरंत राहत मिलती है। इसमें मौजूद यूजेनॉल नामक तत्व प्राकृतिक पेनकिलर का काम करता है, यही वजह है कि डेन्टिस्ट में दांतों के दर्द में लौंग का तेल लगाने की सलाह देते हैं।

2. अदरक
मांसपेशियों के दर्द, जोड़ों में अकड़न और शरीर जकड़ने पर अदरक का सेवन बहुत फायदेमंद है। इसमें मौजूद जिन्जेरॉल नामक तत्व में मांसपेशियों और जोड़ों से दर्द में आराम दिलाने की शक्ति होती है।

3. लहसुन
लहसुन में मौजूद जर्मेनियम, सेलेनियम और लस्फर जैसे तत्व कान के दर्द में राहत पहुंचाते हैं। आयुर्वेद में लहसुन को तेल के साथ उबालकर कानों पर लगाने की सलाह दी जाती है। इससे कानों के पकने या सूजन से होने वाले दर्द में भी तुरंत आराम मिलता है।

4. नमक
गले में खराश या दर्द से तुरंत आरामके लिए नमक बहुत काम की चीज है। गर्म पानी में नमक मिलाकर कुल्ला करने से गले में होने वाले दर्द से तुरंत आराम मिलता है और संक्रमण खत्म होता है।
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5. हल्दी
चोट पर एंटीसेप्टिक से लेकर जोड़ों के दर्द को दूर करने के लिए हल्दी से बढ़िया कुछ और नहीं। हल्दी से न
सिर्फ दर्द दूर होता है बल्कि सूजन भी कम होती है। खासतौर पर गठिया के दर्द में यह बहुत फायदेमंद है। इसमें मौजूद कुरक्यूमिन नामक तत्व प्राकृतिक पेनकिलर है।

6. ओट्स
ओट्स मैग्नीशियम का बड़ा स्रोत हैं जो पीरियड्स के दौरान पड़ने वाले क्रैंप और दर्द को कम करने में मददगार है। इसलिए जिन्हें पीरियड्स में दर्द अधिक होता है वे अपनी डाइट में ओट्स जरूर शामिल करें।

7. पेपरमिंट
शरीर के दर्द और ऐंठन में आराम पहुंचाने के ‌लिए पेपरमिंट बहुत फायदेमंद है। गर्म पानी में पेपरमिंट तेल
की कुछ बूंदे डालकर सेंकाई करने से शरीर की जकड़न खुल
जाती है और दर्द में तुरंत आराम होता है।