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Monday, 7 September 2015

सफ़ेद दाग का इलाज
















सफ़ेद दाग का इलाज :-

एक मुट्ठी काले चने, 10 ग्राम त्रिफला चूर्ण , 125 मिली पानी में सुबह 8-9 बजे डाल दे। 24 घंटे बाद यानि की अगले दिन सुबह वो चने जितना खा सके चबाकर के खाये । सफ़ेद दाग जल्दी मिटेंगें ।

शरीर का विषैला तत्व बाहर निकलने से न रोकें जैसे- मल, मूत्र, पसीने पर डीयो आदि न लगायें।

मिठाई, रबडी, दूध व दही का एक साथ सेवन न करें।

गरिष्ठ भोजन न करें जैसे उडद की दाल, मांस व मछली।

भोजन में खटाई, तेल मिर्च,गुड, अचार आदि का सेवन न करें।

अधिक नमक का प्रयोग न करें।

रोज बथुआ की सब्जी खायें, बथुआ उबाल कर उसके पानी से सफेद दाग को धोयें, कच्चे बथुआ का रस दो कप निकाल कर आधा कप तिल का तेल मिलाकर धीमी आंच पर पकायें । जब सिर्फ तेल रह जाये तब उतार कर शीशी में भर लें। इसे लगातार लगाते रहें । ठीक होगा धैर्य की जरूरत है।

अखरोट खूब खायें। इसके खाने से शरीर के विषैले तत्वों का नाश होता है। अखरोट का पेड़ अपने आसपास की जमीन को काली कर देती है ये तो त्वचा है। अखरोट खाते रहिये लाभ होगा।

लहसुन के रस में हरड घिसकर लेप करें तथा लहसुन का सेवन भी करते रहने से दाग मिट जाता है।

लहसुन के रस में हरड को घिसकर कर लेप करें साथ साथ सेवन भी करें।

तुलसी का तेल बनायें, जड़ सहित एक हरा भरा तुलसी का पौधा लायें, धोकर कूटपीस लें रस निकाल लें। आधा लीटर पानी आधा किलो सरसों का तेल डाल कर पकायें हल्की आंच पर सिर्फ तेल बच जाने पर छानकर शीशी में भर लें। ये तेल बन गया अब इसे सफेद दाग पर लगायें।

नीम की पत्ती, फूल, निंबोली, सुखाकर पीस लें प्रतिदिन फंकी लें।सफेद दाग के लिये नीम एक वरदान है। कुष्ठ जैसे रोग का इलाज नीम से सर्व सुलभ है। कोई भी सफेद दाग वाला व्यक्ति नीम तले जितना रहेगा उतना ही फायदा होगा नीम खायें, नीम लगायें ,नीम के नीचे सोये ,नीम को बिछाकर सोयें, पत्ते सूखने पर बदल दें। 

पत्ते, फल निम्बोली, छाल किसी का भी रस लगायें व एक चम्मच पियें भी। जरूर फायदा होगा कारण नीम खुद में एक एंटीबायोटिक है। ये अपने आसपास का वातावरण स्वच्छ रखता है। 

इसकी पत्तियों को जलाकर पीस कर उसकी राख इसी नीम के तेल में मिलाकर घाव पर लेप करते रहें। नीम की पत्ती, निम्बोली , फूल पीसकर चालीस दिन तक शरबत पियें तो सफेद दाग से मुक्ति मिल जायेगी। 

नीम की गोंद को नीम के ही रस में पीस कर मिलाकर पियें तो गलने वाला कुष्ठ रोग भी ठीक हो सकता है।