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Sunday, 12 July 2015

वैरिकोज वेन्‍स (Varicose veins)













वैरिकोज वेन्‍स (Varicose veins) के लिए घरेलू उपचार :-

क्‍या है वैरिकोज वेन्स
पैर की नसों में मौजूद वाल्‍व, पैरों से रक्त नीचे से ऊपर हृदय की ओर ले जाने में मदद करते है। लेकिन इन वॉल्‍व के खराब होने पर रक्त ऊपर की ओर सही तरीके से नहीं चढ़ पाता और पैरों में ही जमा होता जाता है। इससे पैरों की नसें कमजोर होकर फैलने लगती हैं या फिर मुड़ जाती हैं, इसे वैरिकोज वेन्‍स की समस्‍या कहते हैं। इससे पैरों में दर्द, सूजन, बेचैनी, खुजली, भारीपन, थकान या छाले जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विस के अनुसार, वैरिकाज वेन्‍स 25 प्रतिशत महिलाओं और 10 प्रतिशत पुरुषों को प्रभावित करता हैं।

वैरिकोज वेन्स के लिए घरेलू उपाय
आम कारक जैसे गर्भावस्‍था, मोटापा, गर्भनिरोधक गोलियां, कब्‍ज और गर्भावस्था, यौवन और रजोनिवृत्ति के दौरान होने वाले हार्मोंनल परिवर्तन आदि वैरिकोज वेन्‍स में योगदान करते है। वैरिकोज वेन्‍स के लिए मेडिकल और सर्जिकल उपचार बहुत महंगा हो सकता है। इसलिए आप वैरिकोज वेन्‍स की गंभीरता और असुविधा को कुछ कम करने के लिए कुछ घरेलू उपचारों को आजमा सकते हैं। यहां वैरिकोज वेन्‍स से बचने के लिए कुछ घरेलू उपाय दिये गये हैं।

सेब साइडर सिरका
सेब साइडर सिरका वैरिकोज वेन्‍स के लिए एक अद्भुत उपचार है। यह शरीर की सफाई करने वाला प्राकृतिक उत्‍पाद है और रक्त प्रवाह और रक्‍त परिसंचरण में सुधार करने में मदद करता है। जब प्राकृतिक रूप से रक्त बहने शुरू होता हे तो वैरिकोज वेन्‍स में भारीपन और सूजन काफी हद तक कम हो जाती है। समस्‍या होने पर सेब साइडर सिरके को लगाकर उस हिस्‍से की मालिश करें। इस उपाय को नियमित रूप से रात को बिस्‍तर पर जाने से पहले और अगले सुबह फिर से करें। कुछ दिन ऐसा करने से कुछ ही महीनों में वैरिकोज वेन्‍स का आकार कम होने लगता है। या फिर एक गिलास पानी में दो चम्‍मच सेब साइडर सिरके को मिलाकर पीये। अच्‍छे परिणाम पाने के लिए इस मिश्रण का एक महीने में दिन में दो बार सेवन करें।

लाल शिमला मिर्च
लाल शिमला मिर्च को वैरिकोज वेन्‍स के इलाज लिए एक चमत्‍कार की तरह माना जाता है। विटामिन सी और बायोफ्लेवोनॉयड्स का समृद्ध स्रोत होने के कारण यह रक्त परिसंचरण को बढ़ाने और संकुलित और सूजी हुई नसों के दर्द को आसान बनाता है। गर्म पानी में एक चम्‍मच लाल शिमला मिर्च के पाउडर को मिलाकर, इस मिश्रण का एक से दो महीने के लिए दिन में तीन बार सेवन करें।

जैतून का तेल
वैरिकोज वेन्‍स के इलाज के लिए रक्त परिसंचरण को बढ़ाना आवश्‍यक होता है। जैतून के तेल की मालिश से रक्त परिसंचरण को बढ़ाने में मदद मिलती है, इससे दर्द और सूजन कम होता है। जैतून के तेल और विटामिन ई तेल को बराबर मात्रा में मिलाकर उसे थोड़ा सा गर्म कर लें। इस गर्म तेल से नसों की मालिश कई मिनट तक एक से दो महीने के लिए करें। आप जैतून के तेल में सरू के आवश्यक तेल की चार बूंदें मिलाकर भी मालिश कर सकते है।

लहसुन
लहसुन, सूजन और वैरिकोस वेन्‍स के लक्षणों को कम करने के लिए एक उत्कृष्ट जड़ी बूटी है। यह भी रक्त वाहिकाओं में हानिकारक विषाक्त पदार्थों को निकालने और रक्त परिसंचरण में सुधार करने में मदद करती है। छह लहसुन की कली लेकर उसे एक साफ जार में डाल लें। तीन संतरे का रस लेकर उसे जार में मिलाये। फिर इसमें जैतून के तेल की मिलायें। इस मिश्रण को 12 घंटे के लिए रख दें। फिर इस मिश्रण से कुछ बूंदों को हाथों पर लेकर 15 मिनट के लिए सूजन वाली नसों पर मालिश करें। इस पर सूती कपड़ा लपेट कर रातभर के लिए छोड़ दें। इस उपाय को कुछ महीनों के लिए नियमित रूप से दोहाराये। इसके अलावा अपने आहार में ताजे लहसुन को शामिल करें।

बुचर ब्रूम
बुचर ब्रूम वैरिकोज वेन्‍स की असुविधा से राहत देने में बहुत ही उपयोगी होता है। इस जड़ी बूटी में रुसोगेनिन्स नामक गुण सूजन को कम करने में मदद करता है और एंटी-इफ्लेमेंटरी और एंटी-इलास्‍टेज गुण नसों की बाधा को कम करता है। इसके लिए बुचर ब्रूम की दैनिक खुराक को 100 मिलीग्राम की मात्रा में दिन में तीन बार लें। जड़ों और पौधों के बीज से बना बुचर ब्रूम की खुराक में कैल्शियम, क्रोमियम, मैग्नीशियम, मैंगनीज, पोटेशियम, सेलेनियम, सिलिकॉन और जिंक के साथ विटामिन ‘बी’ और ‘सी’ है। यह पोषक तत्‍वों को मजबूत बनाने और नसों की सूजन को कम करने के साथ ही पैरों के रक्‍त प्रवाह में सुधार करने में मदद करते हैं। लेकिन उच्‍च रक्तचाप वाले लोग इस जड़ी-बूटी के सेवन से पहले चिकित्‍सक से परामर्श अवश्‍य ले लें।

अखरोट
अखरोट रक्त वाहिकाओं को मजबूत बनाने के लिए बहुत ही प्रभावी जड़ी-बूटी है, इसलिए यह वैरिकोज वेन्‍स के लक्षणों को आसानी से कम कर सकती है। इसमें एस्ट्रिंजेंट के अलावा गल्लिक एसिड और कई प्रकार के आवश्‍यक तेल भी होते हैं जो सूजन के साथ-साथ दर्द को कम करने में मदद करते हैं। अखरोट के तेल में एक साफ कपड़े को डूबाकर प्रभावित क्षेत्र पर लगाये। ऐसा एक या दो महीने के लिए दिन में दो से तीन बार करें।

अजमोद
अजमोद विटामिन सी से समृद्ध एक शक्तिशाली एंटीऑक्‍सीडेट है, जो सेल की मरम्‍मत और कोलेजन के उत्‍पादन को प्रोत्‍साहित करता है। साथ ही इसमें शामिल रुटीन नामक तत्‍व, केशिकाओं को मजबूत बनाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है और इसलिए वैरिकोज वेन्‍स के लक्षणों को कम करने में बहुत उपयोगी होता है। एक मुठ्ठी ताजा अजमोद की एक मुठ्ठी लेकर उसे एक कप पानी में पांच मिनट के लिए उबाल लें। फिर इसे मिश्रण को ठंडा होने के लिए रख दें। फिर इस मिश्रण में गुलाब और गेंदे की तेल की एक-एक बूंद मिला लें। अब इस मिश्रण को कुछ देर के लिए फ्रिज में रख दें। इस मिश्रण को कॉटन पर लगाकर प्रभावित क्षेत्र पर लगायें। अच्‍छे परिणाम पाने के लिए इस उपाय को कुछ महीनों तक करें।