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Sunday, 2 August 2015

घमौरी का आयुर्वेदिक इलाज











घमौरी का आयुर्वेदिक इलाज :-

गर्मी के मौसम में अत्यधिक पसीना आने से पीठ पर दाने निकल आते हैं। इसे घमौरी के नाम से जाना जाता है। इसमें खुजली होने के साथ सुई सी चुभन होती है। गर्मी की अधिकता, अधिक पसीना आने, गंदगी से यह दिक्कत होती है।
बचाव |--

-अत्यधिक धूप में न निकलें।

-हल्के कपड़े पहनें।

-गरम और तेज मिर्च-मसाले युक्त भोजन से पहरेज करें।

-ठंडे और शांतिदायक शर्बत व पेय का सेवन करें।

उपचार

-गुलाब के फूलों का तेल 12 मिली, सिरका 48 मिली, कपूर एक ग्राम और फिटकरी तीन ग्राम लेकर मिलाकर दानों में लगाएं।

-नौशादर, कपूर, नीला थोथा, गंधक आमलासार सबको नौ-नौ ग्राम लेकर पीसकर तीन भाग में कर लें। फिर इसके एक भाग को दही में मिलाकर दानों पर मले। इसके सूखने पर स्नान कर लें।

-मुलतानी मिट्टी का दानों पर लेप करने से आराम मिलता है।

-खशखश के बीज 12 ग्राम को बकरी के दूध में पीसकर दानों पर मलें। फिर आधा घंटा बाद स्नान करना लाभकारी होता है।