Tuesday, 3 February 2015

दूध के साथ दही लें या नहीं?


















दूध के साथ दही लें या नहीं?

दूध और दही दोनों की तासीर अलग होती है। दही एक खमीर वाली चीज है। दोनों को मिक्स करने से बिना खमीर वाला खाना (दूध) खराब हो जाता है। साथ ही, एसिडिटी बढ़ती है और गैस, अपच व उलटी हो सकती है। इसी तरह दूध के साथ अगर संतरे का जूस लेंगे तो भी पेट में खमीर बनेगा। अगर दोनों को खाना ही है तो दोनों के बीच घंटे-डेढ़ घंटे का फर्क होना चाहिए क्योंकि खाना पचने में कम-से-कम इतनी देर तो लगती ही है।

दूध के साथ तला-भुना और नमकीन खाएं या नहीं?
दूध में मिनरल और विटामिंस के अलावा लैक्टोस शुगर और प्रोटीन होते हैं। दूध एक एनिमल प्रोटीन है और उसके साथ ज्यादा मिक्सिंग करेंगे तो रिएक्शन हो सकते हैं। फिर नमक मिलने से मिल्क प्रोटींस जम जाते हैं और पोषण कम हो जाता है। अगर लंबे समय तक ऐसा किया जाए तो स्किन की बीमारियां हो सकती हैं। आयुर्वेद के मुताबिक उलटे गुणों और मिजाज के खाने लंबे वक्त तक ज्यादा मात्रा में साथ खाए जाएं तो नुकसान पहुंचा सकते हैं। लेकिन मॉडर्न मेडिकल साइंस ऐसा नहीं मानती।

सोने से पहले दूध पीना चाहिए या नहीं?
आयुर्वेद के मुताबिक नींद शरीर के कफ दोष से प्रभावित होती है। दूध अपने भारीपन, मिठास और ठंडे मिजाज के कारण कफ प्रवृत्ति को बढ़ाकर नींद लाने में सहायक होता है। मॉडर्न साइंस में भी माना जाता है कि दूध नींद लाने में मददगार होता है। इससे सेरोटोनिन हॉर्मोन भी निकलता है, जो दिमाग को शांत करने में मदद करता है। वैसे, दूध अपने आप में पूरा आहार है, जिसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और कैल्शियम होते हैं। इसे अकेले पीना ही बेहतर है। साथ में बिस्किट, रस्क, बादाम या ब्रेड ले सकते हैं, लेकिन भारी खाना खाने से दूध के गुण शरीर में समा नहीं पाते।

दूध में पत्ती या अदरक आदि मिलाने से सिर्फ स्वाद बढ़ता है, उसका मिजाज नहीं बदलता। वैसे, टोंड दूध को उबालकर पीना, खीर बनाकर या दलिया में मिलाकर लेना और भी फायदेमंद है। बहुत ठंडे या गर्म दूध की बजाय गुनगुना या कमरे के तापमान के बराबर दूध पीना बेहतर है।

नोट : अक्सर लोग मानते हैं कि सर्जरी या टांके आदि के बाद दूध नहीं लेना चाहिए क्योंकि इससे पस पड़ सकती है, यह गलतफहमी है। दूध में मौजूद प्रोटीन शरीर की टूट-फूट को जल्दी भरने में मदद करते हैं। दूध दिन भर में कभी भी ले सकते हैं। सोने से कम-से-कम एक घंटे पहले लें। दूध और डिनर में भी एक घंटे का अंतर रखें।

खाने के साथ छाछ लें या नहीं?
छाछ बेहतरीन ड्रिंक या अडिशनल डाइट है। खाने के साथ इसे लेने से खाने का पाचन भी अच्छा होता है और शरीर को पोषण भी ज्यादा मिलता है। यह खुद भी आसानी से पच जाती है। इसमें अगर एक चुटकी काली मिर्च, जीरा और सेंधा नमक मिला लिया जाए तो और अच्छा है। इसमें अच्छे बैक्टीरिया भी होते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। मीठी लस्सी पीने से फालतू कैलरी मिलती हैं, इसलिए उससे बचना चाहिए। छाछ खाने के साथ लेना या बाद में लेना बेहतर है। पहले लेने से जूस डाइल्यूट हो जाएंगे।

दही और फल एक साथ लें या नहीं?
फलों में अलग एंजाइम होते हैं और दही में अलग। इस कारण वे पच नहीं पाते, इसलिए दोनों को साथ लेने की सलाह नहीं दी जाती। फ्रूट रायता कभी-कभार ले सकते हैं, लेकिन बार-बार इसे खाने से बचना चाहिए।

दूध के साथ फल खाने चाहिए या नहीं?
दूध के साथ फल लेते हैं तो दूध के अंदर का कैल्शियम फलों के कई एंजाइम्स को एड्जॉर्ब (खुद में समेट लेता है और उनका पोषण शरीर को नहीं मिल पाता) कर लेता है। संतरा और अनन्नास जैसे खट्टे फल तो दूध के साथ बिल्कुल नहीं लेने चाहिए। व्रत वगैरह में बहुत से लोग केला और दूध साथ लेते हैं, जोकि सही नहीं है। केला कफ बढ़ाता है और दूध भी कफ बढ़ाता है। दोनों को साथ खाने से कफ बढ़ता है और पाचन पर भी असर पड़ता है। इसी तरह चाय, कॉफी या कोल्ड ड्रिंक के रूप में खाने के साथ अगर बहुत सारा कैफीन लिया जाए तो भी शरीर को पूरे पोषक तत्व नहीं मिल पाते।

मछली के साथ दूध पिएं या नहीं?
दही की तासीर ठंडी है। उसे किसी भी गर्म चीज के साथ नहीं लेना चाहिए। मछली की तासीर काफी गर्म होती है, इसलिए उसे दही के साथ नहीं खाना चाहिए। इससे गैस, एलर्जी और स्किन की बीमारी हो सकती है। दही के अलावा शहद को भी गर्म चीजों के साथ नहीं खाना चाहिए।

फल खाने के फौरन बाद पानी पी सकते हैं, खासकर तरबूज खाने के बाद?
फल खाने के फौरन बाद पानी पी सकते हैं, हालांकि दूसरे तरल पदार्थों से बचना चाहिए। असल में फलों में काफी फाइबर होता है और कैलरी काफी कम होती है। अगर ज्यादा फाइबर के साथ अच्छा मॉइश्चर यानी पानी भी मिल जाए तो शरीर में सफाई अच्छी तरह हो जाती है। लेकिन तरबूज या खरबूज के मामले में यह थ्योरी सही नहीं बैठती क्योंकि ये काफी फाइबर वाले फल हैं। तरबूज को अकेले और खाली पेट खाना ही बेहतर है। इसमें पानी काफी ज्यादा होता है, जो पाचन रसों को डाइल्यूट कर देता है। अगर कोई और चीज इसके साथ या फौरन बाद/पहले खाई जाए तो उसे पचाना मुश्किल होता है। इसी तरह, तरबूज के साथ पानी पीने से लूज-मोशन हो सकते हैं। वैसे तरबूज अपने आप में काफी अच्छा फल है। यह वजन घटाने के इच्छुक लोगों के अलावा शुगर और दिल के मरीजों के लिए भी अच्छा है।

खाने के साथ फल नहीं खाने चाहिए।
कार्बोहाइड्रेट और प्रोटींस के पाचन का मिकैनिज्म अलग होता है। कार्बोहाइड्रेट को पचानेवाला स्लाइवा एंजाइम एल्कलाइन मीडियम में काम करता है, जबकि नीबू, संतरा, अनन्नास आदि खट्टे फल एसिडिक होते हैं। दोनों को साथ खाया जाए तो कार्बोहाइड्रेट या स्टार्च की पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इससे कब्ज, डायरिया या अपच हो सकती है। वैसे भी फलों के पाचन में सिर्फ दो घंटे लगते हैं, जबकि खाने को पचने में चार-पांच घंटे लगते हैं। मॉडर्न मेडिकल साइंस की राय कुछ और है। उसके मुताबिक, फ्रूट बाहर एसिडिक होते हैं लेकिन पेट में जाते ही एल्कलाइन हो जाते हैं। वैसे भी शरीर में जाकर सभी चीजें कार्बोहाइड्रेट, फैट, प्रोटीन आदि में बदल जाती हैं, इसलिए मॉडर्न मेडिकल साइंस तरह-तरह के फलों को मिलाकर खाने की सलाह देता है।

मीठे फल और खट्टे फल एक साथ न खाएं
आयुर्वेद के मुताबिक, संतरा और केला एक साथ नहीं खाना चाहिए क्योंकि खट्टे फल मीठे फलों से निकलनेवाली शुगर में रुकावट पैदा करते हैं, जिससे पाचन में दिक्कत हो सकती है। साथ ही, फलों की पौष्टिकता भी कम हो सकती है। मॉडर्न मेडिकल साइंस इससे इत्तफाक नहीं रखती।

खाने के साथ पानी पिएं या नहीं?
पानी बेहतरीन पेय है, लेकिन खाने के साथ पानी पीने से बचना चाहिए। खाना लंबे समय तक पेट में रहेगा तो शरीर को पोषण ज्यादा मिलेगा। अगर पानी ज्यादा लेंगे तो खाना फौरन नीचे चला जाएगा। अगर पीना ही है तो थोड़ा पिएं और गुनगुना या नॉर्मल पानी पिएं। बहुत ठंडा पानी पीने से बचना चाहिए। पानी में अजवाइन या जीरा डालकर उबाल लें। यह खाना पचाने में मदद करता है। खाने से आधा घंटा पहले या एक घंटा बाद गिलास भर पानी पीना अच्छा है।

लहसुन या प्याज खाने चाहिए या नहीं?
लहसुन और प्याज को रोजाना के खाने में शामिल किया जाना चाहिए। लहसुन फैट कम करता है और बैड कॉलेस्ट्रॉल (एलडीएल) घटाकर गुड कॉलेस्ट्रॉल (एचडीएल) बढ़ाता है। इसमें एंटी-बॉडीज और एंटी-ऑक्सिडेंट गुण होते हैं। प्याज से भूख बढ़ती है और यह खून की नलियों के आसपास फैट जमा होने से रोकता है। लंबे समय तक इसके इस्तेमाल से सर्दी-जुकाम और सांस संबंधी एलर्जी का मुकाबला अच्छे से किया जा सकता है। लहसुन और प्याज कच्चा या भूनकर, दोनों तरह से खा सकते हैं। लेकिन लहसुन कच्चा खाना बेहतर है। कच्चे लहसुन को निगलें नहीं, चबाकर खाएं क्योंकि कच्चा लहसुन कई बार पच नहीं पाता। साथ ही, उसमें कई ऐसे तेल होते हैं, जो चबाने पर ही निकलते हैं और उनका फायदा शरीर को मिलता है।

परांठे के साथ दही खाएं या नहीं?
आयुर्वेद के मुताबिक परांठे या पूरी आदि तली-भुनी चीजों के साथ दही नहीं खाना चाहिए क्योंकि दही फैट के पाचन में रुकावट पैदा करता है। इससे फैट्स से मिलनेवाली एनजीर् शरीर को नहीं मिल पाती। दही खाना ही है तो उसमें काली मिर्च, सेंधा नमक या आंवला पाउडर मिला लें। हालांकि रोटी के साथ दही खाने में कोई परहेज नहीं है। मॉडर्न साइंस कहता है कि दही में गुड बैक्टीरिया होते हैं, जोकि खाना पचाने में मदद करते हैं इसलिए दही जरूर खाना चाहिए।

फैट और प्रोटीन एक साथ खाएं या नहीं?
घी, मक्खन, तेल आदि फैट्स को पनीर, अंडा, मीट जैसे भारी प्रोटींस के साथ ज्यादा नहीं खाना चाहिए क्योंकि दो तरह के खाने अगर एक साथ खाए जाएं, तो वे एक-दूसरे की पाचन प्रक्रिया में दखल देते हैं। इससे पेट में दर्द या पाचन में गड़बड़ी हो सकती है।

दूध, ब्रेड और बटर एक साथ लें या नहीं?
दूध को अकेले लेना ही बेहतर है। तब शरीर को इसका फायदा ज्यादा होता है। आयुर्वेद के मुताबिक प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फैट की ज्यादा मात्रा एक साथ नहीं लेनी चाहिए क्योंकि तीनों एक-दूसरे के पचने में रुकावट पैदा कर सकते हैं और पेट में भारीपन हो सकता है। मॉडर्न साइंस इसे सही नहीं मानता। उसके मुताबिक यह सबसे अच्छे नाश्तों में से है क्योंकि यह अपनेआप में पूरा है।

Weight loss करने के लिए किस तरह आहार लेना चाहिए ?


















Weight loss करने के लिए किस तरह आहार लेना चाहिए ?

योग्य संतुलित आहार लेते हुए किस तरह से Weight loss करना चाहिए इसकी अधिक जानकारी के लिए निम्नलिखित बातो का ख्याल रखे :
सही तरह से खाना सीखे : आहार लेते वक्त आपका पूरा ध्यान खाने के ओर होना चाहिए। खाने की बुरी आदते अक्सर वजन बढ़ने का एक मुख्य कारण होती है। TV देखते हुए, Newspaper पढ़ते हुए या बाते करते हुए खाने की बुरी आदत को छोड़ दे ! 

नियमित समय पर खाना खाए : मौके देखकर खाने की आदत को ट़ाले ! खाली समय है इसलिए या काम करते वक्त खाने की आदत को टाले। नियमित समय पर खाना खाने की आदत रखने से पाचन संस्था भी अच्छी रहती और ज्यादा खाने से बचा भी जा सकता है। स्नाक्स खाने की मनाई नहीं है, पर इसका चयन समझदारी से करना चाहिए। 

मन को वश में रखे : जब भी आपको कुछ खाने की इच्छा हो तब खुद से ही पुछे, "क्या जो अनुभव मुझे हो रहा है वो सचमुच भूक ही है ?" खाने की इच्छा और भूक में फर्क करना सीखे। साथ ही सिर्फ इसलिए कभी न खाए की खाना पड़ा हुआ है। यदि कोई आहार खाने की इच्छा हो रही है तो उस स्थान पर न जाकर अपना ध्यान मोड़ने का प्रयास करे। ऐसी जगह न जाए जहा आपका इच्छित खाना बिकता है। पर अगर आप सच में भूके है तो आपको खाना चाहिए। 

धीरे-धीरे खाए : आप जितना तेजी से खाएंगे, उतना ही ज्यादा खाएगे। आपके मस्तिष / Brain को यह समझने में २० मिनिट लगते है की आपका पेट भर चुका है। आपके शरीर यह संकेत दे की अब पर्याप्त हो चूका है, उससे पहले ही आप काफी खा चुके होते है। खाने का हर निवाला कम से कम २० बार चबा कर ही खाए। इससे पाचन भी अच्छा होता है और ज्यादा खाने की आदत से बचाव भी होता है। 

छोटी प्लेट/थाली का इसतेमाल करे : एक छोटी सी प्लेट लीजिए। अपनी हमेशा की मात्रा से कम भोजन पेट में लेना ही अच्छा है। छोटी प्लेट का उपयोग करने से आपको यह भी एहसास होंगा की आप हमेशा से ज्यादा खा रहे है। 

कम Glycemic Index (GI) वाला आहार ले : मधुमेह और वजन कम करने में कम GI वाला आहार लेना सबसे महत्वपूर्ण है। जो Carbohydrate युक्त आहार बहुत जल्दी टूटकर Glucose बन जाए और तेजी से रक्त में मिल जाए उसे ज्यादा Glycemic Index वाला आहार कहते है। कम Glycemic Index वाला आहार लेने से ज्यादा समय तक पेट भरा रहने का एहसास रहता है और कम calories मिलती है। वजन कम करने के लिए ज्यादा Glycemic Index वाला आहार लेने के बजाए कम Glycemic Index वाला आहार लेने चाहिए। 

छोटी छोटी खुराके ले : दिन में ३ बार बड़ा भोजन करने के बजाए दिन में ५ बार छोटी-छोटी खुराके लेना बेहतर है। यदि आपको snacks लेने की आदत है तो ३ छोटे आहार ले और बिच मे छोटे पोष्टिक snacks ले। इच्छा नहीं बल्कि भूक ही स्वाभाविक और स्वस्थ एहसास है। आपको खाने का आनंद लेना चाहिए, सिर्फ 'क्या' और 'कितना' पर ध्यान देना जरुरी है। 

नाश्ता (Breakfast) : सुबह का नाश्ता जरुर ले। सुबह का नाश्ता न करना मोटापे को दावत दे सकता है। नाश्ते में आप फ्रूट, उपमा, पोहा, इडली या अपना मनपसंद आहार ले सकते है। शोध से पता चला है की जो लोग सुबह नाश्ता करते है वे अपने भूक पर ज्यादा अच्छी तरह से नियंत्रण कर सकते है और ज्यादा खाने की आदत से बच सकते है। इसके विपरीत जो लोग सुबह का नाश्ता नहीं लेते है वे लोग दोपहर के समय सामान्य से ज्यादा भोजन करते है और उनमे मीठा और वसायुक्त खाने की इच्छा प्रबल होती है। आपने यह कहावत तो सुनी ही होंगी, " राजाओ की तरह नाश्ता करे, युवराज की तरह दोपहर का खाना खाए और कंगालों या गरीबो की तरह रात का खाना खाए । "

पानी : अपने भोजन के समय से करीब आधा घंटा पहले थोड़ा पानी या शक्कर मुक्त द्रव पदार्थ ले। इससे पेट भरा-भरा लगेगा, और आप कम खाएँगे। पर्याप्त मात्रा में पानी पिने से शरीर Hydrated रहता है और इस कारन metabolism की गति सामान्य रहती है। रोज सुबह खाली पेट 1 ग्लास गुनगुने पानी में 1 चमच्च शहद और आधा निम्बू का रस मिलाकर पिने से वजन कम होने में मदद मिलती है। इस मिश्रण को सुबह खाली पेट पिने के बाद 1 घंटे तक कुछ खाना या पीना नहीं चाहिए। ध्यान रखे की पानी गुनगुना हो, ठन्डे पानी के साथ लेने पर वजन काम होने की जगह वजन बढ़ भी सकता है। 

Protein युक्त आहार : अपने आहार में Protein युक्त आहार का समावेश ज्यादा करे। इससे पेट जल्दी भर जाता हैं और भूक भी कम लगती है। 
Protein आहार लेने से शरीर में भूक बढ़ाने वाला hormone ghrelin का निर्माण कम होता हैं। 

रेशे (Fiber rich food) : सब्जिया और फल अधिक खाए। फलो और सब्जियों में अधिक रेशे होते है इसलिए उनसे पेट जल्दी भर जाता है। 
अन्य उपाय 

रोजाना विभिन्न खाद्य सामग्रियों का उपयोग करे। 

तेल और अन्य सामग्रि जैसे शहद, शक्कर, केचप इत्यादि का कम से कम उपयोग करे क्योंकि इनमें ज्यादा calories होती है। 

कुदरती मसाले जैसे लहसुन, अदरक, ताजी मिर्च, निम्बू इत्यादि का उपयोग करे। यह बिना calories बढ़ाए आपके खाने का स्वाद भी बढा देंगे। 

Non-stick cookware का इस्तेमाल करे जो की तेल की अनावश्यक मात्रा घटाने में मदद करेंगे। 

कम चर्बीयुक्त पकाने के तरीके अपनाए जैसे भापना, उबालना या भुनना। 

शराब पीना बंद करे क्यों की उनसे अतिरिक्त महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से रहित calories मिलती है।

सब्जियां कैसे धोये ?










सब्जियां कैसे धोये ?

- आज कल सब्जियां उगाने की जगह और तरीका ऐसा होता है की सिर्फ्र उसकी मात्रा पर ध्यान जाता है। फिर वे नाले के पानी से सिंची जाए या उस पर ज़हर छिडका जाए इसकी कोई परवाह नहीं करता। ऑर्गेनिक सब्जियां महँगी होती है की आम आदमी उसे खरीद नहीं सकता।

- देश के कृषि मंत्री ने भी इस बात को माना है कि भारत में 67 ऐसे पेस्टिसाइड्स का इस्तेमाल हो रहा है , जो दूसरे देशों में प्रतिबंधित हैं। लेकिन कई सब्जियां ऐसी हैं जिनमें इस जहर से डरने की जरूरत नहीं। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि घिया , तोरई , सीताफल , गाजर , शलगम जैसी कई सब्जियां ऐसी हैं , जिनमें पेस्टिसाइड्स का इस्तेमाल न के बराबर होता है।

- सब्जी का सिर्फ रूप - रंग ना देखे। जिस सब्जी में अच्छी खुशबु है और स्वाद अच्छा है , वही ख़रीदे।अलग अलग सब्जी वाले से खरीद कर देखे और फिर एक को चुने और उसी से लेते रहे।

- अगर गोभी का फूल एकदम सफेद और चमकदार न होकर थोड़ा पीला है तो उसे ही लें।गोभी के फूल में चमक लाने के लिए उसे मेलोथियन में डुबोया जाता है। इसी तरह भिंडी डार्क हरी नहीं हैं तो उसे खरीदें।

- चमकदार फल और सब्जियों के इस्तेमाल से बचें , जैसे टमाटर , बैंगन , भिंडी , सेब।

- कई बार बेबी कॉर्न या बीट रूट में दवाई की महक आती है , ऐसी सब्जी ना ख़रीदे।

- हरी सब्जी को बिन कर पानी में डुबाकर रखे। थोड़ी देर में उसकी मिटटी नीचे बैठ जायेगी। ऊपर ऊपर से सब्जी निकाल ले। ऐसा 3-4 बार जब तक नीचे मिटटी बैठ तब तक धोये।हरी सब्जी की मिटटी रह जाए तो पेट के कीड़ों को जन्म देती है जो कई बार ब्रेन में जमा हो जाते है और मिर्गी जैसी बिमारी को जन्म देते है।

- गाजर , मूली, आलू आदि को पहले धो कर मिटटी निकाल ले। फिर मोटा छिलका निकाल ले और फिर से पानी से धो ले। अब काटे।

- प्याज , लहसून आदि भी धो कर काटे। इससे उनका छिलका भी आसानी से उतरता है।

- हरी मिर्च को धो कर , डंडी निकाल कर रख ले। कभी भी तुरंत इस्तेमाल कर सकते है।

- हरा धनिया हमेशा देशी ही इस्तेमाल करे। जिस धनिये में दूर से ही खुशबु आ रही है , वही अच्छा है।इसे भी बिन कर कई बार पानी से निकाल ले और एक पेपर पर फैला कर सुखा ले। अब ये कभी इस्तेमाल के लिए तैयार है।

- पुदीना भी इसी तरह तैयार कर ले। ये छाया में सुखाकर रख ले।इसका चुरा बना कर कभी भी भेल पूरी या जलजीरा या पानी पूरी के पानी में डाला जा सकता है।

- इसी तरह कढी पत्ते को भी धो कर सुखा के रख ले।

- हरी सब्जी को धोने के बाद एक बड़े सूती दुपट्टे में रखे। पोटली बना कर गोल घुमाए। सारा पानी निकल जाएगा।अब यह सड़ेगा नहीं।

- बर्तन धोने वाले डिटर्जेंट की कुछ बूंदे एक लीटर पानी में मिलाएं और उसमें फल व सब्जी धोने के बाद उन्हें हल्के गुनगुने पानी में धोएं। इससे उन पर लगा वैक्स और कलर हट जाएगा।

- आज कल मिलने वाले ओजोन वाश भी इस्तेमाल जा सकते है।

- नमक मिले पानी से भी सब्जियों को धोया जा सकता है और कीटाणु मुक्त बनाया जा सकता है।

- बंदगोभी और ऐसी ही दूसरी पत्तेदार सब्जियों के ऊपरी हिस्से के पत्ते जरूर उतार दें।

- फूल गोभी को काटकर नमक और हल्दी के पानी में धो ले।

- सीजनल चीजें खाने से भी नुकसान कम होता है , क्योंकि उनमें पेस्टिसाइड्स का इस्तेमाल न के बराबर होता है।

- आजकल अधिकतर अधिकतर स्वीट कॉर्न जेनेटिकली मोडिफाईड होता है। यह पोषण ना दे कर खतरनाक बीमारियाँ देता है। इसलिए देशी कॉर्न का ही इस्तेमाल करे।

A Medicine For More Than 50 Diseases:











A Medicine For More Than 50 Diseases: The Tea That Kills Parasites And Cleans The Body of Toxins

These ingredients are even scientifically proven to help in the prevention and treatment of cancer and dementia.

Turmeric is used in India since ancient times, and with it the poisons from the body are easily removed, and is useful in nausea, vomiting and other diseases. Today it is even scientifically proven to help in the prevention and treatment of cancer and dementia. Prepare this remedy which heals over fifty diseases.

Ingredients:

half a tablespoon of ginger
half a tablespoon of cinnamon
1/6 Tsp turmeric
a pinch of cardamom
500 ml water
half a cup of milk
A little honey, if desired

Preparation:

Mix all the spices and pour the 500 ml of boiling water. Mix well and optionally add hot milk. Drink the tea without straying it throughout the day in unlimited quantities.

Monday, 2 February 2015

ये 10 खाद्य सामग्री रात में सोने से पहले न खाएं











ये 10 खाद्य सामग्री रात में सोने से पहले न खाएं

आइसक्रीम 
सोने से पहले आइसक्रीम न खाएं। आइसक्रीम में फैट और शुगर की मात्रा ज्‍यादा होती है जो शरीर में जाकर एकदम से हिट करती है और ऊर्जा का संचार होने लगता है, इस वजह से नींद का गायब होना स्‍वाभाविक है

टॉफी/ कैंडी 
टॉफी में भी शुगर होती है इसी वजह से यह बॉडी को एनर्जी देती है। यह एनर्जी बहुत ज्‍यादा नहीं होती लेकिन नींद में खलल डालने के लिए काफी है।

लहसुन
लहसुन एक गर्म तासीर वाला हर्ब होता है जिसे खाने के शरीर में गर्मी यानि रक्‍त का संचार अच्‍छे से होता है, वहीं इसे खाकर तुरन्‍त लेट जाने पर पेट में गैस्ट्रिक प्रॉब्‍लम भी हो सकती है। ऐसे में इसे रात के भोजन में न खाना ही बेहतर ऑप्‍शन है।

रेड मीट
रेड मीट, आपके शरीर में दिनभर के पोषक तत्‍वों की कमी को पूरा कर सकता है लेकिन यह काफी प्रोटीन और फैट वाला खाद्य पदार्थ होता है जिसे पचाने में शरीर को काफी मशक्‍कत करनी पड़ती है। वहीं रेड मीट की एनर्जी भी बॉडी को हीट करती है, ऐसे में नींद की प्रक्रिया में खलल आना स्‍वाभाविक है।

शराब
रात में शराब पीने की आदत बहुत लोगों की होती है, उन्‍हे ऐसा लगता है इससे उन्‍हे अच्‍छी नींद आती है, लेकिन यह गलत है। शराब पीने से उनकी नींद आने की नैचुरल प्रक्रिया पर नकारात्‍मक असर पड़ता है। शराब पीकर सोने पर आपको वह सुबह उठकर सामान्‍य दिनों जैसी स्‍फूर्ति और ताजगी नहीं मिलती है। वहीं कई बार शराब के नशे में होश नहीं रहता है जिसे लोग बढि़या नींद समझ बैठते हैं।

डार्क चॉकलेट
डार्क चॉकलेट में कैफीन की मात्रा बहुत ज्‍यादा होती है, जो आपके शरीर को एकदम से बूस्‍ट अप कर देती हैं। वहीं कई बार डार्क चॉकलेट में थियोब्रोमाइन भी मिला होता है जो दिल को तेजी से धड़काने का काम और शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करता है, ऐसे में सोना थोड़ा मुश्किल होता है।

भारी भोजन
भारी भोजन न लें सोने से पहले, अगर आप वेज फूड भी खाते हैं तो हल्‍का और आसानी से पचने वाला खाना खाएं। जैसे- गेंहू के आटा के फुल्‍के, खिचड़ी। ज्‍यादा भारी भोजन करने से आपको ही पेट सम्‍बन्धित समस्‍याएं हो सकती हैं।

पिज्‍जा
पिज्‍जा, फास्‍ट फूड है जिसे खा तो आप बढ़े मजे से लेते है लेकिन आपके पेट को उसे पचाने में बहुत मशक्‍कत करनी पड़ती है। इसमें पड़ने वाला टुमैटो सॉस, एसिड से भरा हुआ होता है जो पेट में गैस की समस्‍या भी पैदा कर सकता है।

पास्‍ता
पास्‍ता भी फास्‍ट फूड है, जो मैदा का बना होता है। मैदा अनाज का पिसा का बहुत महीन रूप होती है जो पचने में ज्‍यादा समय लेती है। साथ ही इसे बनाने में यूज होने वाले सॉस और अन्‍य सामग्री भी बॉडी को रिलेक्‍स नहीं होने देती।

आजवाइन
आजवाइन से बना भोजन आपको सुनकर आश्‍चर्य होगा, लेकिन आजवाइन को रात के खाने में खाने से परहेज करें। आजवाइन एक प्रकार का प्राकृतिक मसाला है जिससे पेशाब बहुत ज्‍यादा आती है। यह काफी गर्म होती है जिसे कारण लोगों को ज्‍यादा पानी पीना पड़ता है। बार - बार पानी पीना और फिर पेशाब जाने से आपकी नींद में खलल आ सकता है।

Sunday, 1 February 2015

Ginger Ale Recipe for Pain











Ginger Ale Recipe for Pain: Reduce Chronic Inflammation, Pain and Migraines 

Ginger is a frequent go-to, when it comes to old holistic medicine, of course. When it comes to settling the stomach and helping with digestion, ginger is the real deal I can assure you. Used for thousands of years in China to treat nausea, arthritis, and heart disease, now we’ll show you how to make your own “ginger ale” for nausea and pain.

In addition to easing muscle and back pain, ginger has been shown to reduce inflammation.Women have been able to find relief from menstrual pain, as well as relief from pain of migraines.

Ginger appears to have anti-inflammatory and analgesic properties, according to results of many studies. Modern scientific research has revealed that ginger is able to inhibit the formation of inflammatory compounds, and direct anti-inflammatory effects.

Ingredients:
1 cup of peeled, finely chopped organic ginger
2 cups of purified water
1 cup of raw organic honey
Sparkling water
1 organic lime, juiced

Instructions:
Boil 2 cups of water and add the ginger. Reduce the heat to a medium-low setting, let it simmer for 5 minutes. Take it off the heat and strain it. When serving, use 1 part of the ginger syrup to 3 parts water. Serve it over ice and enjoy!

Source: Organic Health

How To Make Your Own Natural Antibiotic













How To Make Your Own Natural Antibiotic

This winter you will probably be a victim of a poor immune system, flu or cold, so we suggest you try this helpful solution and make your own natural antibiotic! 

This natural antibiotic is beneficial, quick and cheap to make, and it also has no side effects and consequences that usually occur after using some antibiotic. 

Ingredients:

1 garlic clove
2 tbsp honey
2 tbsp ginger powder
1/2 tbsp ground chili peppers
1/2 tbsp cinnamon
3.3 oz (1 dl) fresh lemon juice

Preparation: 

Add crushed garlic, ginger powder, chili powder and cinnamon to the lemon juice. Mix all the ingredients and add honey last. Let the syrup rest for 3 hours on a room temperature. Keep the syrup in a closed glass container and store it in the fridge. 

How To Use It: 

Every morning before eating anything take 1 tablespoon of the syrup to strengthen your immune system. If you already have a cold, take 1 tablespoon of the syrup, three times a day before eating anything. 

Source: healthyfoodhouse.com